एक दिन उसने यूं ही…

एक दिन उसने यूं ही कहा था, मुझसे- “देख एक वो भी वक्त था और एक यह भी वक्त हैl जब तुम मुझसे अनजान थे और अब तुम मेरे सब कुछ हो। मेरे मीत ऐसे ही बदलता है वक्त कोई नहीं जानता इसे, कोई नहीं पहचानता है इसकी चाल को। तब तुम मुझसे अनजान थेContinue reading “एक दिन उसने यूं ही…”

कौन हूं मैं?

इस अजनबी दुनिया में कौन हूं मैं? अक्सर ये सवाल आता है। मैं इक भटकता ख्वाब हूं शायद यही हर बार जवाब आता है। जो ना समझे उनके लिए इक अनजान पहेली हूं जो समझ गए उनकी अजीज़ सहेली हूं। एक खौफनाक तस्वीर हूं काले दिल वालों के लिए तो एक मासूम सी हमराह हमराजContinue reading “कौन हूं मैं?”

युवा कैसा हो?

आज का यक्ष प्रश्न ये है कि आज का युवा कैसा हो? वो क्या करे? क्या सोचे? कैसा दिखे? कैसा चले? कि दुनिया को रह दिखा सके. चलो, आज हम बात करते हैं चलो, आज हम विचार करते हैं कि किन चीजों को छोड़े और किनको अपनाये? जो हमारे युवा की सूरत बताये. आज काContinue reading “युवा कैसा हो?”

मैं सोच रही थी

हाँ तो, मैं सोच रही थी, की कुछ लिखा जाये, मगर!, मुद्दा ये है कि, मुद्दे इतने हैं कि, किस मुद्दे पर लिखा जाए, समझ नहीं आ रहा. देश की दशा- दिशा ही कुछ ऐसी चल पड़ी है, कि हवा का रुख भी समझ नहीं आ रहा. एक आग बुझने से पहले दूसरी सुलग जातीContinue reading “मैं सोच रही थी”

कौन है वो ?

कौन है वो ? जो रोज सपनो में है आता, कभी मुस्कुराता, कभी गुनगुनाता, कभी रूठ जाता, कभी मना लेता, कभी मेरी बातो से खफा होता, तो कभी सयाना बन जवाब दे देता. कौन है वो? जो हर पल है याद आता, खुद को जो मेरा, और सिर्फ मेरा बताता, मुझको भी नसीब पर मेरे,Continue reading “कौन है वो ?”

How to be resilient?? 2

How to be resilient It is being natural for some and a learning process for many. So let’s see how can we develop this trait? There are many things said and done like knowing the ways to manage stress, creating a support network around you or better the work-personal life balance etc.  What I feelContinue reading “How to be resilient?? 2”

How to be resilient?? 1

First of all the question comes that what is the meaning of being resilient? Then why is it important to be resilient? Then How to be one? So friends! Let’s think, what is being resilient mean to you? The word “/rɪˈzɪlɪənt/” is the right pronunciation for this word and it is an adjective. Meaning TheContinue reading “How to be resilient?? 1”

चंद पंक्तिया यूँही

तूफानों से टकराने चली हो कश्ती के टूटने का डर न रखो. बस अपने आप पर भरोसा और तैरकर साहिल पार करने का हौसला रखो. –रचना ‘मोहिनी’– 17-08-17 Copyright © Rachana Dhaka

सबसे हसीं मुलाक़ात ..!!

ये परियों की रानी और वो फरिश्तों का शहज़ादा मिले कुछ यूँ किसी मोड़ पर कि अभी बाकी था रास्ता आधे से ज्यादा मिल तो चुके थे ये पहले भी कई बार यूँ ही आज तो मिलना हुआ था यूँ अनायास ही नहीं तो भूले-भटके एक-दूजे को याद कर लिया जाता मग़र आजकुछ हुआ यूँContinue reading “सबसे हसीं मुलाक़ात ..!!”

Food for thought…Please think and suggest

What and why we think or observe a difference among indifferent people? When there is nothing like that, in reality. Who r we???? hindu or muslim???? when there is “ALI” in diwALI & “RAM” in RAMzan, then y r we thinking that which religion we belong to ???????? plzzzzzzzzzz help India in being united’we areContinue reading “Food for thought…Please think and suggest”

मेरे आशना से एक वादा

गाया तो था मैंने हर लम्हा तेरी जुदायी में कैसे जिया था मैंने इतना वक्त तन्हाई में तुझको नहीं खबर मेरे क़मर तरस गए नैन तेरे खुशगवार दीदार को और आस में तेरे पास आने कि दिल भी था बोझिल तेरे सामने होने पर भी जो तू दूर रहा तो न जाने कितना सताया तेरीContinue reading “मेरे आशना से एक वादा”

लेंगे लेंगे अधिकार हमारे

जंगल अपना, ज़मीन अपनीपर न कोई कागज़, न ही टपरीसरकार बदली, क़ायदा बदलाआदिवासी का हक़ भी बदला तुम्हारी ये नव नियम कुंडलीहमसे क्यूँ ये ज़मीं छीन ली? अरे! तीन पुश्तों की बात करते होसदियों पुरानी कब्र दबा लीये कैसी सरकार हमारी?अधिकार दिया पर ज़ुबां छीन ली ग्राम सभा कहे हम मूल निवासीफिर कहे न मानेContinue reading “लेंगे लेंगे अधिकार हमारे”